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Kshemkari Export Import Academy Blog

  • 06 Apr
  • 2019

सरकार कर रही है मदद, भारत का व्यापार में कदम बढ़ाने के लिए |

भारत एशिया में जैविक रसायन उद्योग का सबसे बड़ा उत्पादक देश है . जैविक रसायन उद्योग का भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि में मत्वपूर्ण स्थान हैं| 2014 तक 12 देशों काे रास आए हमारे जैविक उत्पाद| अभी तक एक हजार मीट्रिक टन निर्यात हुआ था |  भारत से जैविक रसायन उद्योग का निर्यात वर्ष 2017 -2018 में 22 अरब डॉलर का हुआ है. विश्व के जैविक कृषि योग्य भूमि के संबंध में भारत नवें स्थान पर है और उत्पादकों की कुल संख्या के संबंध में पहले स्थान पर है| कैसे बढ़ाएं जैविक खेती की ओर कदम आइयें जानते हैं एक्सपोर्ट इम्पोर्ट अकादमी के माध्यम से | जैविक खेती को बढ़ावा देने के

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  • 05 Apr
  • 2019

मोती का निर्यात कर, कमाएं एक लाख हर महीनें |

मोती का नाम सुनते ही आपके मन में ख़याल आता होगा कि मोती मतबल कठोर पदार्थ,.क्या आप जानते है क्या होता है मोती? कहाँ उपयोग होता है? ये कितने प्रकार के होते है? आइयें जानते है मोती के बारे में. मोती एक कठोर पदार्थ है जो  मुलायम ऊतकों वाले जीवों द्वारा पैदा किया जाता है | उभरते बाजारों में मोती का उत्पादन बढ़ता ही जा रहा है क्यूंकि मोती कि मांग भारत के अलावा अन्य देशों में बढ़ती ही जा रही है.  अगर आपने रजिस्ट्रेशन नहीं किया है तो जल्दी कीजिये और दी जाने वाली जानकारी का भरपूर लाभ उठायें | मोती के तीन प्रकार होते हैं- केवीटी, गोनट, मेंटलटीसू. "क

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  • 04 Apr
  • 2019

अब मेवों में आयेगी उछाल, भारत से दुनिया भर के प्रसिद्ध मेवों का करें व्यापार |

भारत दुनिया का 17वा सबसे बढ़ी निर्यात अर्थव्यवस्था वाला देश है. भारत में मेवा का स्थान मुख्य है. विभिन्न  प्रकार की मेवाएं भारत देश में होती है जिनमे से कुछ के नाम इस प्रकार है- काजू, पिस्ता, अखरोट, बादाम, खुबानी, अंजीर, किशमिश आदि | मेवा में सूखे हुए फल, जैसे कि किशमिश, खजूर आदि को सुखाकर या मशीनों द्वारा तैयार किया जाता है. मेवाओं को हमेशा से ही सेहत के लिए लाभदायक माना गया है. कुछ लोगों का मानना है कि मेवों में वसा अधिक होती है किन्तु इनमें वसा अधिक होने पर भी ये सेहत के लिए हानिकारक नहीं होते हैं . मेवा पर जो पॉलिश है वही वसा है जो बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करती|

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  • 04 Apr
  • 2019

कैसे करें निर्यात! भारत की लकड़ियों और उससे सम्बंधित वस्तुओं का |

लकड़ी के बने सामान  का निर्यात लगातार बढ़ता ही जा रहा है.  भारत में 150 से भी अधिक इमारती लकड़ी वाले वृक्षों की जातियाँ पायी जाती हैं। इनमे से प्रमुख हैं- साखू, सागौन, महुआ, देवदार, कैल, चीड़, सिरसा, आबनूस, तून, पडौक, आम, नीम, आदि महत्वपूर्ण इमारती लकड़ियाँ होती हैं। सागौन, बर्मा, थाइलैंड और जावा में भी होता है| निर्यात बढ़ा लकड़ियों से वनी वस्तुओं का, आइयें जाने Registration करके | हर लकड़ी की अपनी विशेषता होती है. जैसे बबूल की लकड़ी पहियों के लिए और गूलर की लकड़ी कुओं के चक्के के लिए, सागौन की लकड़ी का उपयोग अलमारी, पलंग, सोफा आदि चीजें बनाने में किया जाता हैं, शीशम

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  • 03 Apr
  • 2019

2020 तक, 20 % वृध्दि की है उम्मीद चमड़ा उद्योग के निर्यात में!

चमड़ा उद्योग का भारत की अर्थव्यवस्था में विशेष स्थान है.  चमड़ा उद्योग को निर्यात के क्षेत्र में नियमित रूप से अत्यधिक आय के लिए जाना जाता है. भारत के चमड़ा उत्पादों के प्रमुख बाजारों में जर्मनी का हिस्सा 14.12%, इटली का 12.82%, यूके का 11.48%, यूएसए का 9.9 8%, हांगकांग का 6.61%, स्पेन का 6.9% फ्रांस का 6.14%, नीदरलैंड का 4.13%,  यूएई का 2.38% और आस्ट्रेलिया का हिस्सा 1.55% है।  भारत के कुल चमड़ा उत्पादन निर्यात का लगभग 75.30% निर्यात इन 10 देशों में होता है| चमड़ा उद्योग में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फुटवियर और लेदर गारमेंट उत्पादक है. रोजगार के माध्यम से भारत की हिस्सेदारी बड़ी चमड़

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  • 03 Apr
  • 2019

भारत लेकर आया है मसालों के निर्यात में जबरदस्त उछाल!

भारत कई प्रकार के मसालों का उत्पादन करता है और प्राचीन काल से ही भारत से मसालों का निर्यात होता आ रहा है| मसालों के लिए भारत हमेशा चर्चा में रहता है| अगर निर्यात की बात वर्ष 2017 में मात्रा के आधार पर की जाये  तो 24 % बढ़ा था | मसालों के लिए मसाला बोर्ड ने आंकड़े जारी किए | जिसमें बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक भारत से निर्यात 5,57,525 टन रहा था | वही वर्ष 2016 की बात करें तो 6,63,247 टन मसालों का निर्यात किया गया था| आज ही करें रजिस्ट्रशन और ऑनलाइन या ऑफलाइन कोर्सेस का उठाये लाभ घर बैठे | निर्यात किए गए मसालों में छोटी इलायची का पहला स्थान है| इसे 'मसालों की रानी' भी कह

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  • 01 Apr
  • 2019

भारत एक बार फिर आगें रसायन सम्बंधित उत्पाद के निर्यात में |

रासायनिक उद्योग विश्व की वर्तमान अर्थव्यवस्था का मुख्य अंग है| रासायनिक उद्योग वे उद्योग है जिसमें कच्चे माल जैसे- तेल, प्राकृतिक गैस, वायु, जल, धातुएं, खनिज आदि को 70,000 से भी अधिक विभिन्न उत्पादों में परिवर्तित करते हैं | रासायनिक उद्योग के अंतर्गत वे उद्योग आते है जो औद्योगिक रसायनों का उत्पादन करते हैं| रासायनिक उद्योग दैनिक उपयोग वस्तुए है | विश्व स्तर की तुलना में,देखा जायें तो भारतीय रसायन उद्योग अब भी इस क्षेत्र में बढ़े एवं छोटे स्तर की मिली-जुली इकाइयों में विभाजित है। रसायन उद्योग सम्बंधित नई जानकारी लेनें के लिए ऑनलाइन क्लॉस या ऑफलाइ

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  • 01 Apr
  • 2019

समुद्री उत्पाद निर्यात बढ़ा बेरोजगारों के लिए बड़ी खुश ख़बरी |

भारत के निर्यातकों के लिए खुश होने का कारण ही समुद्री उत्पाद है| समुद्री उत्पाद  निर्यात से होने वाली आये लगभग 26.1 करोड़ डॉलर के बराबर है| यह जानकारी समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) के द्वारा दी गई थीं| आइयें जानते है कैसे आंकड़ों के अनुसार देश से समुद्री उत्पादों का हुआ निर्यात | अमेरिका, यूरोप और जापान में समुद्री उत्पाद की माँग बढ़ने से निर्यात तेज से हो रहा है| इसी प्रकार तेज मांग आने से दिसंबर 2010 में देश से 20% अधिक कुल 26 करोड़ 10 लाख डॉलर के समुद्री खाद्य उत्पाद का निर्यात किया गया। जबकि वर्ष 2009 की इसी अवधि में कुल 21 करो

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  • 30 Mar
  • 2019

भारत से गया इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, देश से बाहर हुआ निर्यात |

इलेक्ट्रॉनिक्स सामान का अर्थ- अनेक छोटे तथा बड़े  विद्युत घटकों से है| इलेक्ट्रॉनिक्स सामान वह सामान है जिसे हर मनुष्य अपनी रोज कि दिनचर्या में  उपयोग करता है जैसे- वल्ब, पंखा, कंप्यूटर आदि |इलेक्ट्रॉनिक्स सामान में अधिक से अधिक अनुसंधान को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार द्वारा उद्योग की विशिष्ट आवश्यकताओं के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए देश के विश्वविद्यालयों में पीएचडी छात्रों को सहायता दी गयी है| इसी के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में कई कार्यक्रम के माध्यम से पीएचडी छात्र भी तैयार किये गए है ताकि इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा नागरिक

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  • 30 Mar
  • 2019

रत्न एवं आभूषण के निर्यात से, अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में बढ़ी मांग!

हमारे देश भारत में दूसरे उद्योगों की तरह रत्न एवं आभूषण उद्योग भी महत्वपूर्ण है| रत्न और आभूषण भारतीय  संस्कृति का एक खास हिस्सा है। रत्न एवं आभूषण की जरुरत संगठित क्षेत्र की तुलना में असंगठित क्षेत्र में अधिक हैं। आभूषणों में सोना ही नहीं, बल्कि तरह -तरह के हीरे और प्लेनटिम से बने आभूषण भी शामिल हैं| रत्न एवं आभूषण उद्योग में कीमती एवं कम - कीमती पत्थरों का भी व्यापार होता है। आप प्रक्टिकल क्लासेस के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरीके के लिए हमारी एक्सपोर्ट इम्पोर्ट अकादमी में रजिस्ट्रेशन कर सकते है रत्न एवं आभूषण का निर्यात वर

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  • 29 Mar
  • 2019

सेहतमंद के साथ साथ, कमाने का भी मोटा जरिया है फल !

भारत विश्व का फल एवं वनस्‍पति भंडार है| देखा जाये तो फलों की मांग शहर व गाँव में ही नहीं पूरी दुनिया में होती है|  क्योंकि फलों का सेवन करने से मनुष्य स्वस्थ महसूस करता है और कहा जाता है कि "मनुष्य को रोज एक फल का सेवन करना ही चाहिए" | सभी देशो में फलों की काफी मांग होती है, पर कुछ खास जगह फलों की मांग बहुत ज्यादा है जैसे-  बांग्लादेश, यूएई, नीदरलैंड्स, नेपाल और सउदी अरब में और इसी के साथ फलों के उत्पादन में 2016-17 में  929.20 लाख टन और 2017-18 में  लगभग 948.80 लाख टन की वृद्धि हुई है| भारत से  ताज़े फलों का निर्यात 90% से अधिक पश्चिमी एशिया और  पूर्वी यूरोपीय बाजारों को किया जाता

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  • 26 Mar
  • 2019

भारत में मोदी सरकार ने दी बड़ी राहत! एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए निर्यात शुल्क किया समाप्त !

देखा जाये तो गन्ना सारे विश्व में पैदा होने वाली फसल है| भारत का गन्ना उत्पादन में पहला स्थान है और गन्ने को भारत का "जन्म स्थान" भी माना गया है| गन्ने से एक नहीं कई चीजों का निर्माण होता है जैसे- चीनी, गुड़, शराब आदि| कम से कम 50 मिलियन किसान की जीविका गन्ने की फसल पर निर्भर करती है| अगर हम वर्ष 2002-2003 की वार्षिक उत्पादन की बात करे तो यह 281.6 मिलियन टन थ| गन्ने की फसल 3.0% भाग में की जाती है| गन्ना भारत की मुख्य नकदी फसलों में से एक है| इसकी  फसल मूलतः उष्णकटिबंधीय रूप से की जाती है| भारत में गन्ने की फसल को होने में भले ही एक साल का समय लगता है पर जब यह फसल पक कर तैयार होती है तो इससे लाखो करो

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  • 26 Mar
  • 2019

फूलों की खेती और विदेशो में निर्यात !

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले जरुरी है 'सही जानकारी' का होना| सही जानकारी के  अभाव में शुरू किया गया व्यवसाय कभी भी अपेक्षित फल नहीं देता| किसी भी व्यवसाय के असफल होने का एक मुख्य कारण सही और पूरी जानकारी न होना भी है|  किसी भी प्रकार के फूलों का निर्यात करने के लिए क्लिक करे! आपने फूलों के बारे में तो बहुत सुना होगा क्या आप जानते है आपको अन्दाजा भी नहीं होगा आप किस प्रकार फूलों का निर्यात कर सकते है फूलों का हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्व है हम भारतीयों के लिए कोई भी त्‍योहार हो, अपने परिवार को खुश रखने के लिए, तोहफे के रुप में फूलों

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  • 25 Mar
  • 2019

देश उठाएगा लाभ भारत से होगा निर्यात! अब विदेशो में महंगे होंगे कपड़े!

 कपड़ा मनुष्य की आधारभूत आवश्यकता है – कपड़ा प्रत्येक व्यक्ति की माँग है । इसकी माँग सदैव बनी रहती है| हमारा समाज विभिन्न प्रकार के वस्त्रों जैसे - सूती, ऊनी, क्षौम, कोसिय (सिल्क) आदि से परिचित है| पहले वस्त्र-निर्माण का प्रमुख केन्द्र काशी (वाराणसी ) था|  यहाँ का वस्त्र पूरे देश में प्रचलित था | जाने बिज़नेस करने के मुख्य तथ्य ऑनलाइन! सूती वस्त्र उद्योग भारत का सबसे प्राचीन एवं बड़ा उद्योग है| भारत की सर्वाधिक जनसंख्या (5 करोड़ से भी अधिक मनुष्य) को रोज़गार भी सूती वस्त्र से प्राप्त हुआ है| भारत के सभी राज्यों में सूती वस्त्र मिलते है, किन्तु महा

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  • 25 Mar
  • 2019

स्थायी रोजगारों के लिए बेरोज़गारी हुई खत्म चाय के निर्यात से!

चाय एक ऐसा पेय पदार्थ है जिसे देश में ही नहीं पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है| जैसे जैसे समय बीतता जा रहा है इसे लोगो द्वारा और भी ज्यादा पसंद किया जा रहा है| चाय में कैफीन पाया जाता है जो लोगो के मन को लुभा देता है| चाय के लिए वर्षा कम से कम 125 से 150 सेंटीमीटर होना चाहिए| चाय के उत्पादन में भारत का विश्व में पहला स्थान है| विश्व के निर्यात का 11% और विश्व उत्पादन का 27% भारत से प्राप्त होता है| चाय को अक्टूबर-नवम्बर में बोया जाता है| चाय की पत्तियाँ चुनने का मौसम साल में तीन से चार बार का होता है| भारत में चाय का उत्पादन मुख्यतः  असम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल,  ह

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